शाहजहाँपुर जिले में बदलते कृषि प्रतिरूप एवं कृषक आय पर उसका प्रभावरू एक भौगोलिक विश्लेषण

Authors

  • नीतू

Keywords:

कृषि प्रतिरूप, कृषक आय, फसल विविधीकरण, कृषि भूगोल, सिंचाई, शाहजहाँपुर, उत्तर प्रदेश.

Abstract

कृषि भारतीय ग्रामीण अर्थव्यवस्था का प्रमुख आधार है तथा कृषकों की आय, रोजगार और ग्रामीण जीवन-स्तर पर कृषि प्रतिरूप में होने वाले परिवर्तन का प्रत्यक्ष प्रभाव पड़ता है। उत्तर प्रदेश का शाहजहाँपुर जिला कृषि की दृष्टि से महत्वपूर्ण क्षेत्र है, जहाँ उपजाऊ जलोढ़ मिट्टी, पर्याप्त सिंचाई सुविधाएँ तथा विविध कृषि-जलवायु परिस्थितियाँ कृषि गतिविधियों को प्रभावित करती हैं। पिछले कुछ वर्षों में जिले के कृषि प्रतिरूप में महत्वपूर्ण परिवर्तन देखने को मिले हैं। पारंपरिक खाद्यान्न फसलों के साथ-साथ गन्ना, आलू, तिलहन, सब्जियों तथा अन्य अपेक्षाकृत अधिक बाजारोन्मुख फसलों का महत्व बढ़ा है। प्रस्तुत अध्ययन का उद्देश्य शाहजहाँपुर जिले में बदलते कृषि प्रतिरूप का भौगोलिक विश्लेषण करना तथा इसके कृषक आय पर पड़ने वाले प्रभावों का अध्ययन करना है। अध्ययन में प्राथमिक एवं द्वितीयक दोनों प्रकार के आँकड़ों का उपयोग किया गया है। कृषि क्षेत्रफल, उत्पादन, उत्पादकता, फसल विविधीकरण, सिंचाई, कृषि लागत तथा अनुमानित कृषक आय जैसे संकेतकों के आधार पर विश्लेषण किया गया है। अध्ययन से स्पष्ट होता है कि फसल विविधीकरण और बाजारोन्मुख कृषि ने अनेक कृषकों के लिए आय के नए अवसर उत्पन्न किए हैं, किंतु बढ़ती कृषि लागत, मूल्य अस्थिरता, छोटे जोत आकार, विपणन संबंधी समस्याएँ तथा जल संसाधनों पर दबाव कृषक आय की स्थिरता के लिए चुनौती बने हुए हैं। अध्ययन निष्कर्ष देता है कि वैज्ञानिक कृषि तकनीक, फसल विविधीकरण, प्रसंस्करण, बेहतर विपणन व्यवस्था, सिंचाई प्रबंधन तथा किसान उत्पादक संगठनों को मजबूत करके कृषक आय में अधिक स्थायी वृद्धि की जा सकती है।

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How to Cite

नीतू. (2025). शाहजहाँपुर जिले में बदलते कृषि प्रतिरूप एवं कृषक आय पर उसका प्रभावरू एक भौगोलिक विश्लेषण. International Journal of Research & Technology, 13(S4), 799–808. Retrieved from https://ijrt.org/j/article/view/1941